Pages

Friday, October 2, 2026

बापू तुम होते तो क्या कहते?

बापू तुम होते तो क्या कहते?

शायद धरनो से तुम्हारे 

हम सब परेशान होते

कहते बापू नहीं चाहिए 

इतनी तुम्हारी ईमानदारी 

यह सत्य यह न्याय तो मिथक हैं 

हम पूछते पार्किंग है नहीं गाड़ी की 

बापू पड़ोसी से कैसे प्रेम करें 

यह कचरे की लड़ाई बताओ बापू 

कैसे खत्म करें

हम तुम्हें कहते बापू आदर्शों से

असल जिंदगी नहीं चलती

ईमानदारी से थाली में रोटी

नहीं मिलती बापू

यह बराबरी की बाते तो स्वप्न है

तुम पर नहीं बनती कोई फिल्म 

तुम अखबार के तीसरे पन्ने की 

कोई खबर भर  होते

अपने आचरण से किसी दिन 

तुम भी सभागार से उठा लिए गए होते

सत्ता के लिए सिरदर्द होते 

प्रजा के लिए हास्य पात्र होते

शायद किसी कारागार में बंद होते

केस की सुनवाई तुम्हारी भी नहीं होती

तारीख के इंतज़ार में होते 

बापू तुम होते तो हम भी 

तुमसे नाराज होते। 

तब तुम क्या कहते?


मनीषा वर्मा 

#गुफ्तगू

No comments:

Post a Comment