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Saturday, September 11, 2021

एहसास

 कुछ रिश्ते दरकी हुई दीवारों के सहारे भी टिके रहते हैं

मां होती है इसलिए घर मंदिर बने रहते हैं।।


दरख़्त हैं तो साए भी इन राहों पर बने रहते हैं

घर के बुज़ुर्ग ही घर का पता देते हैं।।


सुनते नहीं हैं आजकल बच्चे कथा कहानियां

बात बात पर  उम्र का उलाहना देते हैं।।

 

मनीषा वर्मा


गुफ़्तगू

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