Pages

Sunday, February 8, 2026

इश्क़ पर वसंत आया है

 इश्क़ पर वसंत आया है 

तुम्हें साथ ले आया है


फूलों की गंध में 

मिल चुकी है तुम्हारे 

लौट आने की खुशबू 


पपीहे ने फिर तुम्हे 

पुकारा है 

तुम्हारी याद ने घर आंगन

महकाया है

तुम्हारे लौट आने का 

मौसम आया है


यह हवा ने फिर 

किवाड़ खटखटाएं है

तुम्हारी पदचाप सुनने को

सरसों के खेत 

लहराएं हैं

तुम्हारे आने का मौसम 

लौट आया है


गांव घर की गलियों में

रंग संवर आया है 

तुम्हें फिर 

फाल्गुन ने पैगाम 

भिजवाया है 

तुम्हारे लौटने का 

मौसम फिर आया है।।


मनीषा वर्मा 

#गुफ्तगू

No comments:

Post a Comment