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Tuesday, July 4, 2023

इस शहर के आसमां पर

 इस शहर के आसमां पर हैरत से तुमको देखता चांद

एक अकेला वो भी है सितारों में 

एक अकेले तुम भी हो रोशनी के समंदर में 

कभी पूरा कभी अधूरा वो भी है

आधे आधे पर पूरे से कुछ तुम भी हो

नीले काले आसमां पर नितांत अकेला तुम सा वो चांद

हैरत से तुमको देखता चांद ।।


मनीषा वर्मा 

#गुफ़्तगू



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