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Friday, August 15, 2014

बिटिया मेरी सौगात है





बिटिया मेरी सौगात है 
किस्मत का अनमोल उपहार है 
मेरे घर आया त्यौहार है 
घर भर का श्रृंगार है 

थकी माँ के हाथ में थमा पानी का गिलास है 
पापा के आने पर खिलखिलाता स्वर है 
भैया की कलाई पर सजी राखी है 
भाभी के साथ मृदु गप्पों का अहसास है 

हर कोने में गूंजती पायलो की रुनझुन है 
कमरे में सजी रंगबिरंगी चूड़ियों की खनक है 
घर में फैली कच्ची रोटियों की महक है 
रसोई में नन्हे हाथों से बनी पहली दाल का स्वाद है 

घर की दीवारों पर सजी उसकी कला है 
सहलियों के साथ उसकी गुनगुनाती आवाज़ है 
मन को हंसा देने वाली उसकी तुतली बातें है 
कितने भोले घर घर वाले उसके ये खेल हैं 

जब से आई है मन में कुछ बदल गया है 
जग जैसे सारा मेरा खिल गया है 
ईश्वर का वरदान है 
एक खूबसूरत गुदगुदाता एहसास है 
बिटिया मेरी 
मेरे घर की जान है 

मनीषा



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