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Wednesday, April 23, 2014

धीमे से कह गया कोई

ख्याल रखना अपना
धीमे से कह गया कोई
मेरी अंजुरी से दर्द उठा
पुष्प भर गया कोई
एक  आलिंगन में
मेरे दर्द अपने कर गया कोई
मेरे लबों पर हँसी
पलको पर आँसू  छोड़ गया कोई
फिर आने का वादा कर
मेरी तन्हाई से अपनी
यादें जोड़  गया कोई
मनीषा 

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