Pages

▼

Monday, January 14, 2013

रिश्ते कमाएँ हैं

गौर से देखो हाथ खाली नहीं हैं 
जीवन भर बस रिश्ते कमाएँ  हैं 
जो मरने के बाद भी 
साथ चलते हैं वो मेरे कर्मों के साए हैं

या रब देना तो बस इतना देना
न'अश पर मेरी  पराई आँखों में भी 
एक आँसू  छलक जाए 

No comments:

Post a Comment